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गृह पत्रिका एवं ई-प्रकाशन

यूनियन बैंक मौलिक पुस्तक लेखन योजना

पत्राचार में राजभाषा हिन्दी के प्रगामी प्रयोग में वृद्धि को देखते हूए तथा स्टाफ सदस्यों की राजभाषा में रुचि एवं प्रतिभाओं को देखते हुए वर्ष 1993 में ‘यूनियन बैंक मौलिक हिंदी पुस्तक लेखन योजना’ नामक प्रोत्साहन योजना की शुरुआत की गई. बैंक द्वारा समय-समय पर इस योजना हेतु परिपत्र जारी कर इस योजना को जीवंत बनाया गया हैं. इस योजना का मुख्य उद्देश्य बैंक के दिन-प्रतिदिन के कार्यों में हिन्दी का प्रगामी प्रयोग बढ़ाने तथा बैंकिंग विषयों पर हिन्दी में स्तरीय पुस्तकें उपलब्ध कराना तथा स्टाफ सदस्यों के प्रतिभाओं को निखारना है. इस योजना के तहत केंद्रीय कार्यालय स्तर पर प्रोत्साहन रूप में नकद राशि, प्रमाण पत्र करने के साथ-साथ बैंक द्वारा प्रकाशित पुस्तकों का क्रय भी किया जाता है.

यह योजना राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही ‘राजभाषा गौरव पुरस्कार’, समय-समय पर वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय, भारत सरकार तथा कृषि बैंकिंग महविद्यालय, भारतीय रिजर्व बैंक, पुणे द्वारा चलायी जा रही मौलिक पुस्तक लेखन योजना का समर्थन करती है जिसका मुख्य उद्देश्य वर्तमान में ज्ञान-विज्ञान, तकनीक, सामान्य अर्थव्यवस्था, लोक वित्त आदि विषयों पर ज्यादा से ज्यादा साहित्य तैयार करना है. पुस्तकों के लेखकों को राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा चलायी जा रही ‘राजभाषा गौरव पुरस्कार’ तहत पुरस्कृत भी किया जाता है.

बैंक द्वारा द्वारा इस योजना के तहत कई पुस्तकें प्रकाशित की गई है. हमारे स्टाफ सदस्य श्री योगेश शर्मा द्वारा लिखी गई पुस्तक ‘वित्तीय नियोजन कब, क्यों और कैसे?’ को वर्ष 2020 में राजभाषा गौरव पुरस्कार योजना के तहत द्वितीय पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है.