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यूनियन आदर्श ग्राम (यूएजी)

ग्राम अंगीकरण योजना

यूएजी के अंतर्गत बैंक ने देश भर में 211 गांवों को अंगीकृत किया है. वीकेसी के अधिकारियों ने शाखा प्रबंधक और क्षेत्रीय प्रबंधक के परामर्श से वाराणसी के नागेपुर (यू.पी), कोयंबटूर के के.जी.पलायम (तमिलनाडु) तथा दुर्गापुर के औषबली (पश्चिम बंगाल) गाँव की पहचान अपने अधिकार क्षेत्र में आनेवाले पिछड़े गाँव के रूप में की है, और बैंकिंग के अलावा, ग्रामीण मूलभूत संरचना निर्माण, उत्पाद निवेश और उपभोग संबंधी आवश्यकताओं में बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए गांव की ऋण सह विकास योजना तैयार की है. उन्होंने सरकारी एजेंसी के साथ मिलकर पूरे किए जाने वाले त्वरित आवश्यकताओं की पहचान भी की है जिसमें बैंक आवश्यकता को शीघ्र पूर्ण करने में उत्प्रेरक के रूप में कार्य करेगा और, यदि आवश्यकता है तो, इस योजना की निधि के अंतर को भरने के लिए बैंक कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व कोष और ग्रामीण प्रचार कोष के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराएगा. अब, सभी ग्रामीण शाखाएं यूनियन आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत एक गाँव की पहचान करेगी. यूनियन आदर्श ग्राम योजना के अंतर्गत बैंक द्वारा की जाने वाली मुख्य गतिविधियाँ निम्नलिखित है:


यूनियन आदर्श ग्राम- नागेपुर, शाखा-राजातलाब क्षेत्र-वाराणसी की केस-स्टडी

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने वर्ष 2008 में, “ यूनियन आदर्श ग्राम योजना” के अंतर्गत नागेपुर गाँव को अंगीकृत किया था. अंगीकरण के समय गाँव में 389 परिवार रहते थे, जो आज बढ़ के 512 हो गए हैं. बैंक की ओर से, गाँव का अंगीकार निम्नलिखित दो पैमाने पर हर क्षेत्र में पूर्ण विकास के लिए योगदान देने की प्रवृति से किया गया था.

  1. बैंकिंग/वित्तीय विकास.
  2. गैर वित्तीय विकास जैसे क्षमता निर्माण, जागरूकता पैदा करना, गाँव की सफाई, नारी सशक्तिकरण, इत्यादि.